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दयारा बुग्याल ट्रेक पर 29 मई से लापता बबीता पांडे की तलाश जारी, भालू के अड्डों तक पहुंची खोजी टीम

टीम ने दयारा ट्रेक के बाईं ओर स्थित नटीण के घने जंगलों में विशेष अभियान चलाते हुए संभावित भालू आवासीय क्षेत्रों की गहन तलाशी ली

उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रेक पर पिछले महीने 29 मई से लापता चल रही रामनगर निवासी बबीता पांडे की तलाश जारी है. पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और क्यूआरटी की संयुक्त टीम ने अब नटीण के दुर्गम और घने जंगलों में संभावित भालू आवासीय क्षेत्रों में बबीता पांडे को ढूंढना शुरू कर दिया है. जंगल के भीतर खुदे हुए स्थानों की दोबारा खुदाई करने के साथ ही पानी के टैंकों और अन्य संदिग्ध स्थानों की भी बारीकी से जांच की जा रही है.

बबीता पांडे की तलाश जारी: 29 मई 2026 को दयारा बुग्याल क्षेत्र के गोई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई बबीता पांडे की तलाश में अब तक पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और हेलीकॉप्टर की मदद से व्यापक खोज अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस बीच पुलिस ने अपहरण की आशंका को देखते हुए दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तकनीकी जांच भी शुरू की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी.

भालू आवासीय क्षेत्रों तक पहुंची खोजी टीम: मंगलवार 23 जून को अभियान का नेतृत्व कर रहे सीओ जनक सिंह पंवार और सीओ बड़कोट चंचल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और क्यूआरटी की टीम दोबारा क्षेत्र में पहुंची. टीम ने दयारा ट्रेक के बाईं ओर स्थित नटीण के घने जंगलों में विशेष अभियान चलाते हुए संभावित भालू आवासीय क्षेत्रों की गहन तलाशी ली. इसके अलावा जंगल के बीच बने पानी के टैंकों की भी जांच की गई तथा पहले से चिन्हित खुदे हुए स्थानों को दोबारा पानी डालकर खोदा गया.

सीओ ने क्या कहा: सीओ जनक सिंह पंवार ने बताया कि-

संबंधित क्षेत्र में पूर्व में भी खोजबीन की गई थी, लेकिन अब संभावित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अभियान को और व्यापक बनाया गया है. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है, वहीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
-जनक सिंह पंवार, सीओ-

कौन है बबीता पांडे? बबीता पांडे उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित रामनगर की रहने वाली है. बबीता एमबीए की छात्रा है. वो दो भाइयों की इकलौती बहन और परिवार की सबसे बड़ी मेंबर है. बबीता के दोनों भाई हर्षित पांडे और तनुज पांडे रामनगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं. उनके परिवार में माता-पिता और दादी हैं.

कब लापता हुई बबीता: बताया जा रहा है कि बबीता पांडे अपने दो साथियों के साथ उत्तरकाशी घूमने आई थी. हर्षिल के लामा टॉप और गंगोत्री धाम का भ्रमण करने के बाद तीनों दयारा बुग्याल ट्रेक पर गए थे. वहां बबीता पांडे साथियों के साथ गोई कैंप में ठहरी थी. 29 मई की रात करीब 11 बजे बबीता टेंट से बाहर निकली और उसके बाद उसका कोई पता नहीं है.

दयारा बुग्याल है सुंदर ट्रेक: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित और समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल को ट्रेकिंग का स्वर्ग कहा जाता है. सर्दियों में बर्फ की चादर और गर्मियों में हरे-भरे घास के मैदान (बुग्याल) इसे देश के सबसे खूबसूरत ट्रेकिंग स्थलों में शुमार करते हैं. यहां से बंदरपूंछ, श्रीकंठ, द्रौपदी का डांडा और गंगोत्री पर्वतमाला के सुंदर नजारे दिखाई देते हैं. इसी कारण हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और ट्रेकर यहां पहुंचते हैं.

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