Breaking News

उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाओं में कमी, विभाग ने राहत की सांस ली

देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष गर्मियों के दौरान वनाग्नि की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार समय पर की गई निगरानी, स्थानीय लोगों की भागीदारी और तकनीक के बेहतर उपयोग के कारण जंगलों में आग की घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिली है। इससे न केवल वन संपदा को नुकसान कम हुआ है बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण को भी राहत मिली है।

राज्य के कई जिलों में अप्रैल और मई के दौरान आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें बड़े नुकसान में बदलने से रोक दिया। वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी दल तैनात किए गए थे। ड्रोन और सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली की मदद से आग की शुरुआती जानकारी प्राप्त होने लगी, जिससे नियंत्रण कार्य में तेजी आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में वनाग्नि एक गंभीर चुनौती रही है। हर साल गर्मियों में हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होता है। इससे जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है और पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होता है। इस वर्ष आग की घटनाओं में कमी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाए गए। लोगों को जंगलों में आग लगाने से बचने और किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के कारण कई घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित कर लिया गया।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की रणनीति अपनाई गई तो वनाग्नि की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विभाग ने मानसून के बाद बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।

About divyauttarakhand.com

Check Also

लगातार पांच साल से ‘बेस्ट शूटर’ का खिताब: जूनियर एशियन चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता यशस्वी जोशी की प्रेरणादायक कहानी

उत्तराखंड की बेटी यशस्वी जोशी ने शूटिंग के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के …