राजधानी के सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए बने आवासों की स्थिति दयनीय बनी है। आवास बेहद जर्जर हालत में है। छतों से पानी टपकता है, तो दीवारों में सीलन है। वहीं परिसरों में लंबी घास उग आई है, सीवर लाइन भी चोक है। सफाई और सुरक्षा की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा आवासों की संख्या कर्मचारियों की अपेक्षा बेहद कम है। कर्मचारियों को बाहर महंगे आवास किराये पर लेकर रहना पड़ रहा है। आवास भत्ता जो मिलता है, वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। कर्मचारियों में इन जर्जर आवासों के कारण दहशत का माहौल है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को अर्जियां दी जाती हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। कर्मचारियों का कहना है कि इन्हें रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। हिन्दुस्तान टीम ने अपने बोले देहरादून अभियान के तहत कोरोनेशन और दून अस्पताल के अलावा वन विभाग के आवासों की पड़ताल की
कोरोनेशन जिला चिकित्सालय के आवासीय कॉलोनी के लोगों के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। आवास के आसपास न तो बाउन्ड्री वॉल है न ही सफाई की कोई व्यवस्था। बाउन्ड्री वॉल न होने की वजह से अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदार आवास के सामने ही गाड़ी लगाकर चले जाते हैं। इससे आवासों में रह रहे लोगों को निकलने में बहुत दिक्कत होती है। आवास के आसपास लगे पेड़ों की कटाई छंटाई नहीं होती है। इससे पेड़ काफी बड़े हो गए हैं जो बिजली के तारों पर लगते हैं और स्ट्रीट लाइट को भी कवर कर देते हैं। पेड़ों के तारों से टकराने से हादसे का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही आवास के पास सीवर खुला पड़ा हुआ है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है। रास्ते पर काई जमी रहती है।
जिसमें फिसलने का खतरा बना रहता है। नशेड़ी भी घूमते, चोरियों का भी डर : कोरोनेशन में कर्मचारियों के लिए मिले आवास पर किसी भी प्रकार की चहारदीवारी का निर्माण नहीं किया गया। अस्पताल में आए मरीज अपनी गाड़ियां आवास के सामने लगा देते हैं। इससे निवासियों को अपने घरों में जाने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही लोग आवास के आसपास आकर मादक पदार्थों का सेवन करते हैं और वारदातों को अंजाम देते हैं। इससे लोगों की सुरक्षा का खतरा रहता है। गाड़ियां दरवाजे तक न पहुंच जाए इसके लिए लोगों ने खुद से तार लगाकर सुरक्षा की है। इसके बाद भी बहुत गाड़ियां घरों के बाहर रहती है। मांग है कि आवास की बाउन्ड्री वॉल का निर्माण किया जाना चाहिए।

