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Amazon ने 2025 में अपने डेटा सेंटर्स में खर्च किया 9 बिलियन लीटर पानी, खुद को प्रतिद्वंद्वियों से बताया बेहतर

Amazon ने अपने डेटा सेंटर्स को सबसे ज़्यादा कुशल बताया है. कंपनी ने 2025 में लगभग 9 बिलियन लीटर से ज़्यादा पानी का इस्तेमाल किया.

हैदराबाद: दुनिया भर में लोगों को डेटा सेंटर्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, हालांकि लोगों को इस बात की चिंता रहती है कि ऐसी जगहों पर कितना पानी और बिजली खर्च होती है. ऐसे में Amazon ने अपने डेटा सेंटर्स को सबसे ज़्यादा कुशल बताया है. कंपनी ने बताया है कि साल 2025 में उसके ग्लोबल डेटा-सेंटर ऑपरेशन्स में लगभग 2.5 बिलियन गैलन, यानी 9 बिलियन लीटर से ज़्यादा पानी का इस्तेमाल किया गया.

बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब Amazon ने इस आंकड़े का सार्वजनिक रूप से खुलासा किया है. हालांकि 2.5 अरब गैलन पानी का आंकड़ा बहुत बड़ा लग सकता है, लेकिन Amazon ने दावा किया है कि जिन साइट्स का वह खुद मालिक है और जिन्हें सीधे तौर पर चलाता है, वहां पानी का इस्तेमाल 2024 के स्तर से 2 प्रतिशत कम हुआ है, जबकि कंपनी ने अपने डेटा-सेंटर का दायरा भी बढ़ाया है.

Amazon ने एक ब्लॉग पोस्ट में ये आंकड़े तब जारी किए, जब AI के पर्यावरण पर असर को लेकर डेटा सेंटर ऑपरेटरों की कड़ी जांच हो रही है. सिएटल ने हाल ही में डेटा सेंटर बनाने पर एक साल की रोक (मोरेटोरियम) भी लगाई है, जिसकी मांग Amazon के कुछ कर्मचारियों ने की थी.

क्या Amazon के डेटा सेंटर Google और Microsoft से ज़्यादा कुशल हैं?
Amazon ने एक ब्लॉग पोस्ट में एक चार्ट शेयर की है, जिसमें उसने अपने पानी के इस्तेमाल के आंकड़ों की तुलना अपने प्रतिस्पर्धी कंपनियों से की है. इस चार्ट के अनुसार, 2025 में Amazon के डेटा सेंटर्स ने प्रति किलोवाट-घंटा बिजली के लिए 0.12 लीटर पानी का इस्तेमाल किया, जो Microsoft, Google और Meta जैसी कंपनियों की तुलना में सबसे कम था.

हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि Amazon के आंकड़े कंपनी के सभी ऑपरेशन्स के लिए हैं. वहीं दूसरी ओर, चार्ट में दिखाए गए Google के आंकड़े सिर्फ़ Gemini AI डेटा सेंटर्स में पानी की खपत पर केंद्रित बताए जाते हैं. AI डेटा सेंटर्स में आमतौर पर हाई-एंड GPU की वजह से ज़्यादा पानी की खपत होती है.

इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon के पानी की खपत के आंकड़ों में नए डेटा सेंटर्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पानी या उन पावर प्लांट्स में इस्तेमाल होने वाले पानी को शामिल नहीं किया गया है, जो इसके डेटा सेंटर्स को बिजली सप्लाई करते हैं.

ताजा सामने आई रिपोर्ट्स की माने, तो दुनिया भर में Amazon के लगभग 924 डेटा सेंटर हैं. साल 2022 के एक लीक हुए मेमो में अनुमान लगाया गया था कि साल 2030 तक Amazon के डेटा सेंटर हर साल 7.7 अरब गैलन पानी का इस्तेमाल करेंगे. हालांकि, कंपनी ने ऐसी रिपोर्ट्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

डेटा सेंटर्स के पक्ष में नहीं लोग
ध्यान देने वाली बात यह है कि लोगों की राय डेटा सेंटर्स के खिलाफ जा रही है. 8 जून को खत्म हुए रॉयटर्स के एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि तीन में से एक अमेरिकी डेटा सेंटर बनाने के पक्ष में था, लेकिन सिर्फ़ 14 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें अपने आस-पास इनके बनने से कोई दिक्कत नहीं होगी.

वहीं दूसरी ओर, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वॉटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ का कहना है कि साल 2030 तक डेटा सेंटर्स का वॉटर फ़ुटप्रिंट 9.3 ट्रिलियन लीटर तक पहुंच सकता है. यह मात्रा सब-सहारा अफ़्रीका के सभी 1.3 अरब निवासियों की सालाना घरेलू पानी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी होगी.

हालांकि, Amazon का कहना है कि उसके डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाला पानी, हर साल अमेरिकियों द्वारा बगीचों में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी की तुलना में बहुत कम है. कंपनी का कहना है कि अमेरिकी हर साल लॉन और बगीचों में लगभग 3.3 ट्रिलियन गैलन पानी का इस्तेमाल करते हैं, जो उसके डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले पानी की मात्रा से 1,300 गुना से भी ज़्यादा है.

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