यूसीसी पोर्टल पर पंजीकरण: अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रक्रिया

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले हर स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यदि समय पर पंजीकरण का सत्यापन या कार्रवाई नहीं होती तो आवेदन स्वत: ही ऊपर के अधिकारी के पास पहुंच जाएगा। यही नहीं यदि किसी आदेश के खिलाफ आवेदक को कोई आपत्ति है तो वह ऊपरी अधिकारी के यहां अपील भी कर सकता है। इस अपील का भी 60 दिन में निपटारा किया जाएगा। इसमें सुनवाई, दस्तावेज की जांच के बाद तर्कसंगत आदेश पारित करने होंगे।

इस प्रक्रिया को यूसीसी समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सब रजिस्ट्रार के यहां आवेदन करता है और उसके आवेदन पर 15 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह स्वत: ही यह रजिस्ट्रार के पास पहुंच जाएगा। रजिस्ट्रार भी अगर कोई कार्रवाई या आदेश नहीं करता तो 15 दिन बाद यह रजिस्ट्रार जनरल के पास चला जाएगा। सब रजिस्टार, रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्यों को यूसीसी में निर्धारित किया गया है। सब रजिस्ट्रार सभी दस्तावेज व जानकारियों की सत्यता की जांच 15 दिन के भीतर करेगा। यदि आवेदन तत्काल में किया गया है तो इसकी जांच तीन दिन के भीतर करनी होगी। सामान्य आवेदन की दशा में पांच दिन के भीतर आवेदक से जानकारी या स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। जबकि, तत्काल में यह समय सीमा तीन दिन है।सब रजिस्ट्रार उम्र कम होने, पूर्व में विवाह होने, प्रतिबंधित संबंध आदि के आधार पर विवाह को अवैध घोषित कर सकता है। जानकारियां या प्रमाणपत्र आदि जाली या भ्रामक हैं तब भी विवाह अवैध घोषित होगा। यही नहीं समय पर जानकारी न देने पर भी सब रजिस्ट्रार इस तरह की कार्रवाई कर सकता है। अब अगर सब रजिस्ट्रार अपने कर्तव्यों में निष्क्रियता दिखाता है तो 15 दिन के भीतर यह मामला स्वत: रजिस्ट्रार के पास चला जाएगा। यह इसकी संक्षिप्त जांच पूरी कर प्रमाणपत्र जारी कर सकता है या फिर आवेदन अस्वीकृत कर सकता है। सब रजिस्ट्रार के अस्वीकृत आदेश पर आवेदक रजिस्ट्रार के यहां अपील कर सकता है। इसका निपटारा 60 दिन में किया जाएगा। इसी तरह रजिस्ट्रार की निष्क्रियता पर रजिस्ट्रार जनरल को जांच करनी होगी। रजिस्ट्रार के आदेशों पर अपील रजिस्ट्रार जनरल के यहां होगी।

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