सावन की शिवरात्रि के मौके पर आज पहाड़ से मैदान तक सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। शिवालय जय बोल बम के जयकारों से गूंज रहे हैं।
इस वर्ष श्रावण शिवरात्रि कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाई जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर गजकेसरी योग, गुरु आदित्य योग, बुध आदित्य योग और पंचग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके साथ ही मंगलवार, पुनर्वसु व पुष्य नक्षत्र, सिद्धि योग व कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति इस पर्व को और अधिक शुभ बना रही है।