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लालकुआं से नेपाल के बीच हाथी कॉरिडोर में ट्रेन के चपेट में आने से 8 वर्षो में 11 हाथियों की मौत

रेल यात्रियों की बुरी आदते हाथियों में भारी पड़ रही है। लोग चलती ट्रेन से खाना खाकर पॉलीथिन, प्लास्टिक कूड़ा नीचे फैक देते है जो की हाथियों के पेट में जा रहा है जिस कारण से उनकी मौत भी हो रही है। और कुछ हाथी खाना खाने के लिए पटरी में आते है और ट्रेन का शिकार हो जाते है।

नैनीताल जिले के लालकुआं से नेपाल के बीच जो हाथी कॉरिडोर है, उनमें दस से अधिक स्थानों पर रेलवे क्रॉसिंग पड़ती हैं। राजाजी नेशनल पार्क से आने वाले हाथी इन्हीं क्रॉसिंगों से होते हुए चोरगलिया- खटीमा के रास्ते नेपाल में प्रवेश करते है। इस रूट में पिछले आठ साल में ट्रैक पार करते हुए  11 हाथियों की ट्रेन के चपेट में आनें से मौत हो गई है। जब इन हाथियों का पोस्टमार्टम किया गया, तो ज्यादातर हाथियों के पेट में पॉलीथिन, प्लास्टिक की प्लेटें, प्लास्टिक के कट्टे और तेल वाले बढ़े पॉलीथिन मिले।

वन विभाग के अधिकारी भी बहुत चिंतित है इससे। उनका कहना है कि लालकुआं- रूद्रपुर के बीच बहुत गंदगी है क्योंकि यात्री रास्ते भर कई दफा खाना खाते है और वो अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले अपना बचा हुआ खाना एंव थैलिया ट्रैक पर ही फैक कर जाते है। जिसे हाथी खाने के लिए ट्रैक पर आते है और ट्रैन का शिकार भी हो जाते है।

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