देश में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मतदान की तारीखें और चरणों का ढांचा ऐसा लगता है जैसे सत्तारूढ़ भाजपा की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किया गया हो। उनके इस बयान के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया था। इसके तहत असम, केरल और पुदुचेरी में नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे। वहां 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
क्या चुनाव कार्यक्रम भाजपा की सुविधा के अनुसार तय हुआ?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव की तारीखों और चरणों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव की तारीखें तय की गई हैं और जिस तरीके से चरण बनाए गए हैं, उससे ऐसा लगता है कि यह सब भाजपा की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी।
केरल चुनाव को लेकर कांग्रेस क्यों है हैरान?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी चुनाव कार्यक्रम पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि केरल में चुनाव की तारीख उम्मीद से काफी पहले घोषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि अप्रैल के आखिरी दस दिनों में मतदान होगा, लेकिन 9 अप्रैल की तारीख ने सभी को चौंका दिया है। उनके अनुसार अब चुनाव के लिए बहुत कम समय बचा है और यह कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है।
क्या नए उम्मीदवारों के लिए समय की कमी बड़ी चुनौती है?
शशि थरूर ने कहा कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी एलडीएफ ने कई मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने कई नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। ऐसे में नए उम्मीदवारों को मतदाताओं के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए ज्यादा समय चाहिए था। लेकिन कम समय होने के कारण यह कांग्रेस के लिए कठिन चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
क्या त्योहारों के कारण प्रचार का समय और कम हो जाएगा?
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि चुनाव प्रचार के लिए समय बहुत कम मिला है। उन्होंने कहा कि इस दौरान ‘होली वीक’ और केरल का प्रमुख त्योहार विशु भी पड़ रहा है। ऐसे में प्रचार के लिए वास्तविक दिनों की संख्या और कम हो जाएगी। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार है और पार्टी मजबूती के साथ मुकाबला करेगी।