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राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के भारोत्तोलकों का प्रदर्शन, किट और भत्ते की कमी

राष्ट्रीय खेलों में भारोत्तोलन के कई खिलाड़ी और कोच वजन उठाने के अभ्यास के साथ-साथ परेशानियां भी उठा रहे हैं, जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ रहा है। स्टेट वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन का आरोप है कि खेल विभाग से समन्वय की कमी के चलते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण व पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।

खेल शुरू हो चुके हैं लेकिन अभी तक खिलाड़ियों को किट नहीं मिली है। खुद एसोसिएशन के पदाधिकारी और कोच विषम परिस्थितियों के बीच देहरादून में ठहरे हैं। एसोसिएशन के महासचिव राजीव चौधरी ने कहा कि वह चार हजार रुपये किराए का कमरा लेकर खिलाड़ियों की तैयारी में जुटे हैं। उनके लिए शासन की ओर से ठहरने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

साथ ही कोच को भत्ते नहीं मिले हैं। खेल विभाग एसोसिएशन से कोई समन्वय नहीं कर रहा है। इस कारण अभी तक कई खिलाड़ियों को किट नहीं मिली है। चौणरी ने कहा, हमारे प्रशिक्षण शिविर भी पर्याप्त संख्या में नहीं लगे।

कहा कि मुश्किलों के बावजूद हमारी तैयारियों में कमी नहीं है। बृहस्पतिवार को अलग-अलग भार वर्ग में पुरुष और महिला वर्ग के चार मुकाबलों में उत्तराखंड के खिलाड़ी सातवें या आठवें नंबर रहे हैं। 55 किग्रा भारवर्ग में हमारा प्रदर्शन पिछले राष्ट्रीय खेलों से बेहतर रहा है। उम्मीद है कि आगामी प्रतियोगिता में हमारे सात लड़के और सात लड़कियां बेहतर करेंगे।

राज्य ओलंपिक संघ ने पत्र लिखा

इस संबंध में उत्तराखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश सिंह नेगी ने बृहस्पतिवार को सीईओ को पत्र लिखा, जिसमें कहा है कि उत्तराखंड के समस्त खेल संघों के अध्यक्ष और सचिवों को आवासीय सुविधाएं प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

पहले दिन के मुकाबले में उत्तराखंड का नंबर रहा आठवां

पहले दिन के मुकाबले में उत्तराखंड के अर्सलन ने 55 किग्रा पुरुष वर्ग में कुल 180 किलोग्राम वजन उठाया। वह आठवें नंबर रहे। वहीं 45 किग्रा महिला वर्ग में उत्तराखंड की केएम बेबी 125 किग्रा वजन उठाकर आठवें स्थान पर रहीं। 49 किग्रा महिला वर्ग में उत्तराखंड की मोनिका पाल 80 किग्रा वजन उठाकर सातवें नबर पर रहीं।

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