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“भगीरथ” एप – अब संकटग्रस्त जल स्रोतों के बारे में जानकारी साझा कर सकेंगे प्रदेशवासी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जल संरक्षण अभियान 2025 के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण अभियान 2025 की थीम “धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा” पर आधारित जलस्रोंत संरक्षण के लिए “भगीरथ” मोबाइल एप लॉन्च किया हैं। इस ऐप के ज़रिए लोग अपने क्षेत्र में मौजूद संकटग्रस्त और संकटग्रस्त जल स्रोतों के बारे में जानकारी साझा कर सकेंगे। और सरकार ऐप के ज़रिए पहचाने गए स्रोतों को पुनर्जीवित करने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जल स्रोतों, नौलों, धारों और बरसाती नदियों के संरक्षण के लिए स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया गया है।
और साथ ही प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करने को प्रथम चरण में तकनीकी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आधार पर नयार, सौंग, शिप्रा व गौड़ी नदी के उपचार को आईआईटी, एनआईएच रूड़की की मदद से विस्तृत परियोजना रिर्पोट बनाई जा रही है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जलस्त्रोतों को बचाने में भागीरथ ऐप बहुत मददगार होगा। अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्न ने कहा, जल संपदाओं के संचयन-संरक्षण के लिए प्रदेशवासियों की सहभागिता से जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

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