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चारधाम यात्रा : इक्वाइन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि के बाद सरकार अलर्ट मोड पर, घोड़े-खच्चरों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य

चारधाम यात्रा 2025, 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही । पंजीकरण की बात की जाए तो अभी तक कुल 5.17 से ज्यादा श्रृधालुओं ने पंजीकरण करा लिया है। चारधाम यात्रा के जोरो शोर से तैयारी चलते एक खबर रूद्रप्रयाग जिले से है। दरअसल रुद्रप्रयाग जिले में 12 घोड़े और खच्चरों में खतरनाक इक्वाइन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि के बाद सरकार अलर्ट मोड़ में है। इक्वाइन इन्फ्लूएंजा, जिसे ह़ॉर्स फ्लू भी कहा जाता है। घोड़ों में होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक वायरल श्वसन रोग है, जो फ्लू जैसे लक्षणों का कारण बनता है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मामले में बैठक कर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निकट भविष्य में चार-धाम यात्रा प्रस्तावित है।

ऐसे में शीर्ष प्राथमिकता पर घोड़े, खच्चरों की स्क्रीनिंग की जाए, ताकि रोगग्रस्त पशु यात्रा में शामिल न हो सकें। वही विभागीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर एवं चमोली जिलों के साथ-साथ प्रदेश की सीमाओं पर स्थापित पशु रोग नियंत्रण चौकियों पर समस्त घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। इसके अलावा अन्य सीमावर्ती राज्यों से चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले घोड़े, खच्चरों को अनिवार्य रूप अपने जिलों से स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाणपत्र एवं इक्वाइन इन्फ्लुएंजा की निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही प्रदेश में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग इस रोग के संक्रमण को रोकने के लिए अपने जिले में क्वारंटीन केन्द्रों की स्थापना करेंगे। साथ ही उपचार के लिए समस्त आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा, निर्देश के पालन में किसी तरह की शिथिलता न बरती जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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